मैंने झुरमुटों की आड़ से देखा है
तूने कलियों को तोडा है
तूने सपनो को मरोड़ा है ,
है साफ झलकता तेरी आँखों से।
आँखे तेरी मदिरालय हैं ,
मैंने भी मदिरापान किया।
है तन्द्रा तेरी आँखों में ,
क्या तूने भी मदिरापान किया।
अनुभवहीन तेरी इन आँखों ने ,
कटु अनुभव कितने दिए मुझे।
आँखों से मेरे अश्रु बहे ,
ये हश्र था तेरी इन आँखों का।
आँखों से तेरी ये गुफ्तगु ,
एक कश्मकश पैदा करती है।
आँखों की तेरी ये सियासत ,
अब समझ से मेरी परे है।
आँखों से तेरी झलकता है ,
ना छोडू ऊम्मीद का दामन अभी ,
तेरी झुकी हुई जो नजरें हैं ,
कुछ खास इशारा करती हैं।
तूने कलियों को तोडा है
तूने सपनो को मरोड़ा है ,
है साफ झलकता तेरी आँखों से।
आँखे तेरी मदिरालय हैं ,
मैंने भी मदिरापान किया।
है तन्द्रा तेरी आँखों में ,
क्या तूने भी मदिरापान किया।
अनुभवहीन तेरी इन आँखों ने ,
कटु अनुभव कितने दिए मुझे।
आँखों से मेरे अश्रु बहे ,
ये हश्र था तेरी इन आँखों का।
आँखों से तेरी ये गुफ्तगु ,
एक कश्मकश पैदा करती है।
आँखों की तेरी ये सियासत ,
अब समझ से मेरी परे है।
आँखों से तेरी झलकता है ,
ना छोडू ऊम्मीद का दामन अभी ,
तेरी झुकी हुई जो नजरें हैं ,
कुछ खास इशारा करती हैं।
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